

*धान उपार्जन में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, चार केंद्र प्रभारी दो साल के लिए हटाया*
कटनी: जिला प्रशासन ने धान उपार्जन कार्य में बड़ी लापरवाही बरतने वाले चार केंद्र प्रभारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अगले दो वर्षों के लिए कार्य से पृथक कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के बाद की गई है।
*जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं*
जिला आपूर्ति अधिकारी सज्जन सिंह परिहार के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान उपार्जन केंद्रों के निरीक्षण के लिए कलेक्टर द्वारा एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया था। इस दल ने जिले के विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कौड़िया, हथियागढ़, निगहरा और विजयराघवगढ़ केंद्रों पर भारी खामियां पाई गईं।
*मुख्य कमियां:*
* दस्तावेजों का नियमानुसार रखरखाव (संधारण) न होना।
* धान की बोरियों पर आवश्यक स्टेंसिल और टैग का अभाव।
* तौल कार्य (वजन) में मानक नियमों की अनदेखी।
*संतोषजनक जवाब न मिलने पर गिरी गाज*
इन अनियमितताओं के सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित केंद्र प्रभारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था। प्रभारियों द्वारा दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन ने उन्हें दंडित करने का निर्णय लिया।
*कार्य से पृथक किए गए प्रभारी:*
* रामनारायण गर्ग (प्रभारी, उपार्जन केंद्र विजयराघवगढ़)
* बसंत सिंह (प्रभारी, उपार्जन केंद्र निगहरा)
* पंकज पाण्डेय (प्रभारी, उपार्जन केंद्र कौड़िया)
* गजराज पटेल (प्रभारी, उपार्जन केंद्र हथियागढ़)
प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य केंद्रों पर भी हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हित और सरकारी खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।